सिद्धार्थनगर। जनपद में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के क्रियान्वयन में सामने आ रही अनियमितताओं को लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। विभिन्न ग्राम पंचायतों से मिल रही भ्रष्टाचार और मास्टर रोल में गड़बड़ी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए डीसी मनरेगा ने निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।
क्या है पूरा मामला?
हाल के दिनों में जिले के कई ब्लॉकों से ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों द्वारा मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता की कमी और मस्टरोल (Master Roll) में फर्जीवाड़े की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। आरोप है कि कई स्थानों पर बिना कार्य किए ही भुगतान की प्रक्रिया अपनाई जा रही है या फिर एक ही मजदूर के नाम पर दोहरा भुगतान लिया जा रहा है।
अधिकारियों का सख्त रुख
इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीसी मनरेगा ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित ब्लॉक विकास अधिकारियों (BDO) और तकनीकी सहायकों को निर्देशित किया है कि वे जमीनी स्तर पर चल रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन करें।
डीसी मनरेगा ने कहा:
"हमारे संज्ञान में कुछ पंचायतों में मास्टर रोल और कार्य की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें आई हैं। इन मामलों की जांच के लिए टीमें गठित की जा रही हैं। यदि कहीं भी भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो दोषियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"

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